EDUCATION

जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किये गये नवाचार : जिला खंडवा म. प्र.

Created Oct 13 2018, 5:21 PM by Vishesh Garhpale
Aspirational District
  • Education

स्थानीय भाषाओं को हिन्दी व अंग्रेजी से जोड़ते हुये सचित्र अध्ययन -अध्यापन सामग्री का निर्माण एवं प्रदाय :-

जिले में स्थानीय आदिवासी समुदाय द्वारा कोरकू एवं निमाडी भाषा का प्रयोग किया जाता है। इन परिवारों के बच्चे जब आंगनवाडी अथवा स्कूलों में प्रवेश पाते हैं तो वहां पर इन बच्चों को या तो हिन्दी में या अंग्रेजी में पुस्तक आधारित ज्ञान का प्रदाय किया जाता है जिसके कारण ये बच्चे प्रतिभाशाली होते हुए भी अंग्रेजी एवं हिन्दी भाषा को आसानी से समझ नहीं पाते हैं तथा उनके समक्ष एक विषम परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे बच्चे स्वयं की स्थानीय भाषा/बोली (कोरकू एवं निमाडी) को भली प्रकार से जानते हुए भी हिन्दी/अंग्रेजी भाषा को समझने में कठिनाई महसूस करते हैं। साथ ही इन्हें सिखाने वाली आंगनवाडी कार्यकर्ता अथवा स्कूल शिक्षक भी हिन्दी/अंग्रेजी भाषा का ही प्रयोग करते हैं जिस कारण से अपेक्षित शैक्षणिक ज्ञान को इन बच्चों तक पहुंचाने में कठिनाई होती है। सामान्य हिन्दी एवं अंग्रेजी बोलने वाले बच्चों की तुलना में इन्हें शैक्षणिक गतिविधियों को समझने में अधिक समय लगता है। इस कठिनाई को पहली बार समझा गया तथा जिले में एक नवाचार कर इन चारां भाषाओं (कोरकू, निमाडी, हिन्दी व अंग्रेजी) को सरल चित्रों के साथ जोडकर एक ही स्थान पर इन पांचो का समावेश करते हुए अध्ययन सामग्री तैयार करने का निर्णय लिया गया।

     इस कार्य के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान खण्डवा के 20 अध्यापकों का एक दल बनाकर इस कार्य हेतु लगाया गया। इनके द्वारा विभिन्न प्रकार की पुस्तकें संकलित की गई जिसमें चित्र के साथ-साथ चारो भाषाओ में विवरण अंकित किया गया। पुस्तकों को भाषायी ज्ञान हेतु सरल बनाने के लिए प्रत्येक भाषा हेतु एक ही रंग का निर्धारण भी किया गया।

     इन पुस्तकों को जिले की आंगनवाडियों में प्री स्कूल लर्निंग एवं प्राथमिक शालाओं में अध्यापन हेतु उपयोग करने का निर्णय लिया गया जिससे स्थानीय आदिवासी समुदाय के बच्चे स्वयं की भाषा/बोली (कोरकू/निमाडी) के माध्यम से चित्र को समझते हुए हिन्दी व अंग्रेजी भाषा का ज्ञान सरलता से प्राप्त करते हुए सभी भाषाओ की संबद्धता को समझ सकें।

(02 इन पुस्तकों को जिले की 1682 आंगनवाडियों के लिए प्री स्कूल लर्निंग के तहत एवं 1107 प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत् छात्र/ छात्राओं को अध्ययन-अध्यापन को सरल बनाते हुए, स्थानीय बोली/भाषा में अध्ययन कर हिन्दी व अंग्रेजी की समझ विकसित की जा सकें इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 11 प्रकार की विभिन्न पुस्तकों का संकलन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के 20 अध्यापकों से कराया गया जिसमें कोरकू एवं निमाडी भाषा को हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा से संबद्ध करते हुए सचित्र वर्णन है।

     1682 आंगनवाडियों एवं 1107 प्राथमिक शालाओं में एक-एक सेट इन पुस्तकों के वितरित किये गये हैं।

 

साक्षर भारत अभियान :-  

           जिले की महिला साक्षरता दर को बढ़ाने के लिये महिला निरक्षरों का सभी ग्रामों में सर्वे किया गया तथा जिले के 709 ग्रामों में 2706 स्थानों पर 604 प्रधान पाठक/ शिक्षक 244 जन अभियान परिषद के समन्वयक/शिक्षार्थियों, 08 स्वयं सेवकों, 1682 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा 168 एन.आर.एल.एम. के समूह द्वारा प्रेरित कर साक्षर कक्षाओं का संचालन करवाया गया। इन कक्षाओं में प्रतिदिन 41952 निरक्षरों को साक्षर बनाने हेतु अध्यापन कराया जा रहा है जिसमें शासन के उपर पृथक से कोई वित्तीय भार भी नहीं पढ़ा है।

 

ज्ञान सेतु  योजना :-

                        जिले में शिक्षकों की कमी को देखते हुये ‘‘ज्ञान सेतु ‘‘ के तहत सभी कक्षा 1 से लेकर 8 तक के विद्यालयों में रेडियो के साथ एक पेनड्राईव के माध्यम से सरल भाषा में ऑडियो लेक्चर की व्यवस्था की गई है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिये एल.ई.डी. टी.वी. तथा हार्ड डिस्क के माध्यम से सरल भाषा में ऑडियो-विडियो लेक्चर की व्यवस्था की गई है। जिन स्थानों पर शिक्षकों की कमी है अथवा विषय शिक्षक अवकाश पर है वहां इन ऑडियो/विडियो लेक्चर के माध्यम से अध्यापन कराया जा रहा है जिससे अध्यापन कार्य प्रभावित न हो।

 

दक्षता उन्नयन हेतु प्रयास :-

              जिले के 1775 शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत  1,98,915 छात्र/ छात्राओं की शैक्षणिक दक्षताओं को उन्नयन करने के लिये जिले में एक शैक्षणिक कलैण्डर डाईट के माध्यम से तैयार कराया गया तथा पाठ्यक्रम को भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुये विभक्त किया गया तथा पाठ्यक्रम की मासिक पूर्णता को निश्चित करने के लिए जनशिक्षक एवं प्राचार्यों को यह दायित्व सौंपा गया है।

      प्रतिमाह जिले के 1775 शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत  1,98,915 छात्र/ छात्राओं का मासिक मूल्यांकन एक जैसा करने के लिये डाईट के माध्यम से प्रश्नपत्र तैयार करवाया जाता है तथा एक समान तिथियों पर एक ही समय में सभी शैक्षणिक संस्थाओं में मासिक मूल्यांकन (मासिक टेस्ट) आयोजित किया जाता है। आयोजन पश्चात छात्रों, शिक्षक तथा विद्यालय की दक्षता की ग्रेडिंग की जाती है। इस ग्रेडिंग के आधार पर मासिक परीक्षा परिणाम का वि’लेषण कर सुधारात्मक उपाय के रूप में रेमेडियल कक्षायें, रिविजन कक्षायें, अतिरिक्त कक्षायें तथा शिक्षक प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है जिससे छात्र/छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों की दक्षताओं में भी वृद्धि हो सके। प्रथम चरण में शिक्षकों का 04 दिवसीय प्रशिक्षण विकासखण्ड स्तर पर किया जा रहा है।

        विद्यालय में मासिक मूल्यांकन के पश्चात एक ही दिन सभी पालकों को बुलाकर उक्त मासिक परीक्षा परिणाम उनके साथ सांझा भी किया जाता है जिससे वे अपने बच्चों की दक्षताओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। साथ ही उनके स्वयं के अनुभव अथवा अपेक्षाओं से कक्षा शिक्षक को अवगत करा सकें।

 

स्थानीय प्रतिभा पर्व :-

दिनांक 16/08/2018 को स्थानीय प्रतिभा पर्व के रूप में कक्षा 1 से 8 में अध्यनरत छात्र/छात्राओं की दक्षता को परखने के लिए जिलाधीश द्वारा रेंडम आधार पर 18 विद्यालयों का चयन कर मोबाईल के माध्यम से विडियों कान्फ्रेन्स कर इन विद्यालय के अध्ययनरत छात्र/छात्राओं से प्रश्न उत्तर कर दक्षता को परखने हेतु प्रयास किया गया। 

इसी क्रम में दुसरे चरण में प्रति गुरूवार को स्थानीय प्रतिभा पर्व के रूप में रेंडम आधार पर  विद्यालयों का चयन कर मोबाईल /लेपटाप के माध्यम से विडियो कान्फ्रेन्स की जाती है।

तृतीय चरण के अंतर्गत प्रत्येक 02 माह में सभी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अध्यनरत छात्र/छात्राओं की दक्षता का मूल्यांकन करने हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। जिसके प्रश्न पत्र डाईट के माध्यम से तैयार करवाये जाते है।

 

नवोदय विद्यालय में प्रवेश हेतु कक्षाओं का संचालन :-

 जिले के अधिक से अधिक छात्र/छात्राओं को विशिष्ट संस्थाओं (नवोदय विद्यालय) में प्रवेश प्राप्त होकर गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिल सके इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु शाला समय के पश्चात 123 केन्द्रों पर विशिष्ट कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है जिसमें वर्तमान 4057 छात्र/छात्राएं अध्यनरत हैं।

 

हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रयोग शाला के उपयोग को बढावा :-

     जिले के 162 हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलो में प्रयोग’ शाला के उपयोग को कारगर बनाने तथा उपयोग को बढावा देने के लिए सत्र प्रारंभ से ही प्रयोग शालाओं को सुचारू करवाया गया। साथ ही जिले के समस्त हाई एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में प्रयोग शालाओं हेतु आवश्यक समस्त सामग्री सुनिश्चित की गई तथा विषयवार प्रयोगों का रोस्टर बनवाया गया एवं छात्र/छात्राओं के समूह बनाये गये, जिससे वे नियमित रूप से प्रयोग शाला का उपयोग करें  तथा प्रत्येक छात्र को पर्याप्त समय व अवसर प्रयोग करने हेतु प्राप्त हो सकें ।

 

वन्या रेडियो खालवा अतंर्गत किये गये नवाचार:-

       जिले के आदिवासी विकास खण्ड खालवा में सामुदायिक रेडियो वन्या रेडियो के नाम से संचालित किया जाता है । इसे और ज्यादा प्रभावी बनाए जाने के उद्देश्य से सभी प्रमुख विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं के बारे में स्थानीय समुदाय को जागरूक करने के लिए स्थानीय भाषा/बोली में प्रचार-प्रसार प्रांरभ किया गया है । इस हेतु सर्वप्रथम सभी विभागों का एक रोस्टर बनाया गया तथा स्थानीय भाषा/बोली में प्रमुख योजनाओं के बारे में सीधा प्रसारण प्रारंभ किया गया है  जिससे स्थानीय व्यक्ति अपनी स्वंय की भाषा/बोली (कोरकू) में इन योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर शासकीय योजनओं का लाभ प्राप्त कर सके ।

 

NEET एवं IIT की तैयार हेतु विडियो लेक्‍चर :-

       जिले के 49 हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में गणित एवं विज्ञान विषय पढाये जाते है। ऐसे स्‍कूलों के विद्यार्थियों को NEET एवं IIT की तैयारी हेतु गुणवत्‍ता युक्‍त अध्ययन करया जा सके इस बिन्‍दु को दृष्टिगत रखते हुये सभी स्‍कूलों में NEET एवं IIT के विडियो लेक्‍चर प्रदान किये गये हैं। इन लेक्‍चरों का इस्‍तेमाल कर विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक कार्य के उपरांत टी.व्‍ही. के माध्‍यम से विडियो लेक्‍चर चलाकर NEET एवं IIT की तैयारी कराई जा रही है। इस तैयारी में ना केवल कक्षा 12वीं में अध्‍ययनरत विद्यार्थियों अपितू कक्षा 11वीं में अध्‍ययनरत विद्यार्थियों को भी सम्मिलित किया गया है जिससे कक्षा 11वीं के विद्यार्थी लगातार दो वर्षो तक तैयारी कर अधिक से अधिक सफलता प्राप्‍त कर सके।

.............................................................................